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Saturday, January 21, 2017

तुसली पत्ते के गुण और फायदे Tulsi Leaf Gun And Benefit

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तुसली पत्ते के गुण और फायदे Tulsi Leaf Gun And Benefit 

TULSI KE FAYDE


भारत में पुरातन काल से ही तुलसी के औषधीय गुणों को काफी महत्ता दी जाती है।ज़्यादातर हिंदू परिवारों में तुलसी की पूजा की जाती है. इसे सुख और कल्याण के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है| लेकिन धार्मिक महत्व के अलावा तुलसी को एक औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है|तुलसी (Tulsi) कई बीमारियों के लिए एक हर्बल उपचार है। प्राचीन समय से इसका उपयोग अलग-अलग बीमारियों के उपाय के लिए किया जा रहा है। यह एक जीवाणुनाशक के रूप में काम करती है। आमतौर पर तुलसी की पत्तियां, बीज और सूखी जड़ें ही इस्तेमाल की जाती हैं।आयुर्वेद में तुलसी तथा उसके विभिन्न औषधीय गुणों का एक विशेष स्थान है. तुलसी को संजीवनी बूटी के समान भी माना जाता है. आयुर्वेदिक चिकित्सा में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है. तुलसी की जड़, उसकी शाखाएं, पत्ती और बीज सभी का अपना-अपना अलग महत्व है. आमतौर पर घरों में दो तरह की तुलसी देखने को मिलती है, एक जिसकी पत्त‍ियों का रंग थोड़ा गहरा होता है और दूसरा, जिसकी पत्तियों का रंग हल्का होता है. तुलसी शरीर का शोधन करने के साथ-साथ वातावरण का भी शोधन करती है तथा पर्यावरण संतुलित करने में भी मदद करती है|आइये आज आपको बताते हैं तुलसी के कुछ घरेलू नुस्खों से होने वाले फायदे के बारे में:-

तुलसी के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ:- तुलसी न केवल धार्मिक महत्‍व रखती है, बल्कि इसके कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ भी हैं। कई वैज्ञानिक शोध तुलसी में उपस्थित गुणों की पुष्टि करते हैं। भारत में पुरातन काल से ही तुलसी के औषधीय गुणों को काफी महत्ता दी जाती है। आइए जानें ऐसे ही कुछ गुणों के बारे में जो हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभप्रद है।

आंखों के रोगों के लिए रामबाण औषधि है तुलसी :- श्यामा तुलसी के पत्तों का दो-दो बूंद रस 14 दिनों तक आंखों में डालने से रतौंधी ठीक हो जाती है. आंखों का पीलापन ठीक होता है. आंखों की लाली दूर करता है. तुलसी के पत्तों का रस काजल की तरह आंख में लगाने से आंख की रौशनी बढ़ती है|

बुखार व आम सर्दी में राहत (Fever and Cold)- :- कई प्रकार के बुखार में तुलसी लाभदायक होती है। बुखार के दौरान तुलसी के पत्तों से बना काढ़ा या जोशांदा बेहद फायदेमंद होता है। यह नुस्खा मलेरिया के दौरान भी फायदा करता है।तुलसी की पत्तियां कफ साफ करने में मदद करती हैं। तुलसी की कोमल पत्तियों को अदरक के साथ चबाने से खांसी-जुकाम से राहत मिलती है। तुलसी को चाय की पत्तियों के साथ उबालकर पीने से गले की खराश दूर हो जाती है।

 

सिरदर्द में मिले राहत:- तुलसी का काढ़ा पीने से सिरदर्द में आराम मिलता है। तुलसी के पत्तों के रस में एक चम्‍मच शहद मिलाकर रोजाना सुबह शाम लेने से 15 दिनों में अर्द्धकपाली जैसे रोगों में लाभ मिलता है।

श्वास संबंधी शिकायतें (Respiratory Disorders)- तुलसी श्वास संबंधी शिकायतों (respiratory disorders) के लिए एक अच्छा उपचार है। तुलसी की पत्तियों, शहद और अदरक का काढ़ा ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, इन्फ्लूएंजा, खांसी और ठंड जैसी बीमारियों से बचाव करता है।

 

 चोट लग जाने पर
अगर आपको कहीं चोट लग गई हो तो तुलसी के पत्ते को फिटकरी के साथ मिलाकर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जाता है. तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल तत्व होते हैं जो घाव को पकने नहीं देता है. इसके अलावा तुलसी के पत्ते को तेल में मिलाकर लगाने से जलन भी कम होती है|

चेहरे की चमक के लिए
त्वचा संबंधी रोगों में तुलसी खासकर फायदेमंद है. इसके इस्तेमाल से कील-मुहांसे खत्म हो जाते हैं और चेहरा साफ होता है
धूम्रपान छुड़ाने में मददगार (Helpful in quitting smoking)- तुलसी अपने एंटी स्ट्रेस गुणों के लिए भी जानी जाती है। यह इंसान के शरीर के तनाव को कम करती है इसलिए धूम्रपान छुड़ाने में बेहद सहायक होती है।
सांस की दुर्गंध दूर करने के लिए
सांस की दु्र्गंध को दूर करने में भी तुलसी के पत्ते काफी फायदेमंद होते हैं और नेचुरल होने की वजह से इसका कोई साइडइफेक्ट भी नहीं होता है. अगर आपके मुंह से बदबू आ रही हो तो तुलसी के कुछ पत्तों को चबा लें. ऐसा करने से दुर्गंध चली जाती है|

यौन रोगों के इलाज में:-
पुरुषों में शारीरिक कमजोरी होने पर तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है. इसके अलावा यौन-दुर्बलता और नपुंसकता में भी इसके बीज का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद रहता है

दांत के दर्द से आराम (Tootache)- तुलसी का उपयोग दांत के दर्द से बचने के लिए भी किया जाता है। इसकी पत्तियों को सुखाकर उनके चूर्ण से दांत साफ करने से भी दांत संबंधी कुछ बीमारियों से राहत मिलती है। तुलसी एक अच्छी कीटाणुनाशक व माउथ फ्रेशनर का काम भी करती है।
तुलसी की पाँच पत्तियॉं, 2 नग काली मिर्च का चूर्ण, रात को पानी में भीगी हुई 2 नग बादाम का छिलका निकालकर फिर उसकी चटनी  बनाकर एक चम्मच शहद के साथ सेवन करें एवं लगभग आधा घण्टा अन्न-जल ग्रहण ना करे।
तुलसी के पत्तों को साफ़ पानी में उबाल ले उबाले जल को पीने में उपयोग करें। कुल्ला करने में भी इसका उपयोग कर सकते है।
2-3 पत्तिया ले और छाछ या दही के साथ सेवन करें। बहुत सारी आयुर्वेदिक कम्पनियां अपने जीवनदायी औषधीयों में तुलसी का उपयोग करती है।
अगर आपके मुँह में संक्रमण हो गया हो, तो आपको हर दिन तुलसी के कुछ पत्ते चबाकर खाने चाहिए.
दिन में दो बार 10-12 तुलसी के पत्ते खाने से तनाव परेशान नहीं करता है.
जिन लोगों को दिल की बीमारी हो, उन्हें भी तुलसी पत्ते का नियमित सेवन करना चाहिए.
जिसके गुर्दे में पथरी हो गई हो, उसे शहद में मिलाकर तुलसी के अर्क का लगातार सेवन करना चाहिए.
छः महीने में असर दिखना शुरू हो जायेगा
एक चम्मच तुलसी की पिसी हुई पत्तियों को पानी के साथ मिलाकर इसका पेस्ट नाभि के आस-पास लगाने से आराम मिलता है.
जिन्हें लीवर में समस्या हो, उन्हें तुलसी की 10-12 पत्तियों को गर्म पानी से धोकर रोज सुबह खाना चाहिए
तुलसी के बीज को चूर्ण बनाकर दही के साथ खाने से खूनी बवासीर खत्म हो जाता है



 

 






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