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Monday, January 30, 2017

अनार के फायदे POMEGRANATE BENEFIT

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   अनार के फायदे(pomegranate benefit)

POMEGRANATE BENEFIT


 

अनार एक ऐसा फल है, जो साल भर मिलता रहता है. अनार का जूस काफी फायदेमंद होता है और लोग इसे काफी पसंद भी करते हैं. यह काफी पौष्टिक और उपयोगी है. यह हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है|अनार सेवन करना केवल सेहत को ही नहीं बल्कि चेहरे में निखार और सुंदर बनाने में अहम भूमिका निभाता है। अनार को आयुर्वेद में रोग नाशक और सुंदरता को बढ़ाने वाला फल कहा गया है पुराने समय से ही अनार का उपयोग कई तरह से इस्तेमाल मे लाया जाता रहा है । इसी वजह से पूजा व अन्य धार्मिक कामों में अनार का प्रयोग किया जाता है। अनार किस तरह चेहरे को खूबसूरत बनाता है|

अनार के फायदे और उपयोग :-


ढ़ती उम्र के प्रभाव को रोके :-
कम उम्र में कुछ लोग अधिक उम्र के लगने लगते हैं। जिसका मुख्य कारण है बेवजह का तनाव लेना और पोषण की कमी होना। इस समस्या को रोकने में अनार बेहद फायदेमंद फल है। अनार के जूस को पीने से कुछ ही महीनों में चेहरा सुंदर दिखने लगता है। और यह चेहरे को झुर्रियों से बचाता है।
मुंहासोंके लिए
चेहरे पर मुंहासे होने से कई लोग परेशान रहते हैं। जिसकी मुख्य वजह है हार्मोन में असंतुलन का होना। या अपच रहना। मुंहासे होने से चेहरे पर दाग पड़ जाते हैं। एैसे में अनार का सेवन करना व अनार का जूस पीना आपको मुंहासों से हमेशा के लिए छुटकारा दिला सकता है।
कोशिकाओं को बनाता है
कोशिकाओं पर ही त्वचा की सुंदरता निर्भर करती है। यदि कोशिकाओं का बनना जारी रहता है तो त्वचा हमेशा जवां बनी रहती है। अनार के सेवन से नई कोशिकाओं का निमार्ण होाता है।
प्राकृतिक क्लीनर
अनार एक प्राकृतिक क्लीनर के रूप में भी कार्य करता है। अनार के छिलकों को सूखा लें और उसे पीसकर चूर्ण तैयार कर लें अब इस चूर्ण में शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं। इस विधि को अपनाने से चेहरे से काले धब्बे हट जाते हैं।
चेहरे पर निखार
अनार चेहरे पर नई त्वचा का निमार्ण करता है जिससे चेहरे के उपर की पुरानी त्वचा हट जाती है और नई त्वचा फिर से आने लगती है। इस तरह अनार का इस्तेमाल चेहरे पर निखार व कोमलता लाता है।
सूरज की तेज रोशनी से बचाव
अनार, सूरज की नुकसानदायक युवी किरणों से त्वचा को सुरक्षित रखने का काम करता है. अनार के छिलकों में सन-ब्लॉकिंग एजेंट्स होते हैं जोकि नेचुरल तरीके से त्वचा को सुरक्षित रखता है
नई कोशिकाओं के निर्माण में 
अनार, त्वचा की ऊपरी परत को सुर‍क्षित करने का काम करता है. साथ ही ये कोशिकाओं के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जिससे चेहरे पर निखार आता है
क्लीनर के तौर पर
अनार के छिलके को पीसकर, उससे चेहरे पर मसाज करने से डेड स्किन साफ हो जाती है. साथ ही ब्लैकहेड्स की समस्या भी दूर हो जाती है. आप चाहें तो इसे ब्राउन शुगर और हनी के साथ मिलाकर भी लगा सकते हैं

झुर्रियों की रोकथाम और त्वचा को जवाँ बनाये रखने के लिये अनार के छिलकों को सुखाने के बाद इसे गुलाब जल के साथ मिला लेंऔर फेसपैक की तरह लगाए |

गले की खरास हो या हो निकलता हो खाँसी से दम! दोनों ही स्थितियों में अनार के छिलकों से तैयार किये चूर्ण को पानी में उबाल कर इससे गरारे करने पर राहत मिलती है

अनार के छिलकों में पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में कॉलेस्ट्रोल की सही मात्रा बनाये रखने में मदद करते हैं|
साँसों की बदबू, मुँह के छालों और दाँत सम्बन्धी समस्याओं के निदान के लिये भी अनार के छिलकों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिये अनार के छिलकों को सुखाकर बनी चूर्ण को गिलास भर पानी में मिलाकर गरारे करें


जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की समस्या हो, उनके लिए भी यह काफी उपयोगी है
अनार खाने से चर्बी नहीं बढ़ती है|
जी मचलने पर इसका जूस पीना फायदेमंद होता है|
यह दस्त में भी असरदार है|
आनार के छिलके से पेट स्वस्थ्य रहता है। यह न केवक दस्त के दौरान रक्तस्राव को रोकने में मदद करता है बल्कि पाचन में सुधार लाता है। इसके अलावा यह आंत की सूजन को कम करता है और बवासीर की समस्या को दूर करने में सहायक है।
अधिक उम्र होने की वजह से एलजाइमर की बीमारी होने लगती है ऐसे में अनार का रस पीने से इस रोग से छुटकारा मिलता है।
लंबी उम्र और निरोगी रहने के लिए हर इंसान को अनार का रस जरूर पीना चाहिए।अनार को अपने डायट में जरूर शामिल करें। यह आपको कई बीमारियों से बचाता तो है साथ ही चेहरे से जुड़ी हर समस्या को भी दूर करता है।
अनार के फूल और दूब की जड़ का रस निकालकर नाक में डालना चाहिए अथवा केवल अनार के फूल का रस नाक में डालना और मस्तिष्क पर लगाना चाहिए। इससे नाक से खून आना बंद हो जाता है।
अनार के छिलके की मदद से हर प्रकार की त्वचा के लिए बेहतरीन फेस पैक बनाया जा सकता है। इससे चेहरे की महीन रेखाएं, उम्र के धब्बे तथा झुर्रियां दूर होते हैं और आपको बेहतरीन त्वचा प्राप्त होती है।

अनार के घरेलू फेस पैक्स:-

अनार और शहद का फेस पैक(Pomegranate and honey face pack):- अनार के कुछ बीजों तथा एक चम्मच शहद को मिश्रित करके एक पेस्ट बनाएं। इन्हें अच्छे से मिलाकर अपने चेहरे तथा गले पर लगाएं। इसे 30 मिनट के लिए अपने चेहरे पर छोड़ दें और इसके बाद पानी से धो लें। अच्छे परिणामों के लिए इस विधि का प्रयोग हफ्ते में दो से तीन बार करें।
अनार और कोको का फेस पैक (Pomegranate and cocoa face pack):- कोको एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है और इसके हमारी त्वचा पर अनार के जैसे हीअनार के गुण जैसे ही फायदे होते हैं। अनार के कुछ बीजों को पीसकर इनका एक पेस्ट और अनार का जूस बनाएं तथा इन्हें कोको पाउडर (cocoa powder) के साथ मिलाएं। इन्हें मिलाकर एक महीन पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को अपने चेहरे तथा गले पर अच्छे से लगाएं। इसे कुछ देर के लिए छोड़ दें तथा इसके बाद पानी से धो लें।









Saturday, January 28, 2017

सोयाबीन खाने के फायदे, SOYABEAN KE FAYDE

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            सोयाबीन खाने के फायदे

SOYABEAN KE FAYDE

सोयाबीन में अधिक मात्रा में प्रोटीन होने के कारण इसका पोषक मान बहुत अधिक होता है। प्रोटीन के साथ-साथ इसमें विटामिन और खनिज तथा विटामिन 'बीकाॅमप्लेक्स और विटामिन 'काफी अधिक मात्रा में होता है, जो शरीर निर्माण के लिए आवश्यक एमिनो ऐसिड प्रदान करते है। इस समय दुनियाभर में सोयाबीन के विविध उत्पाद देखने को मिल रहे हैं। प्रोटीन का अच्छा स्रोत होने के कारण सोयाबीन कैलोरी की मात्रा को तो नियंत्रित रखता ही है, शरीर को पोषण भी देता है। यही कारण है कि खान-पान में सोयाबीन का दूध, सोयाबीन चाप, आटा, बड़ियां, टोफू (सोया पनीर), सोया सॉस आदि का भरपूर इस्तेमाल हो रहा है। सोयाबीन के बीजों को अंकुरित कर खाने से त्वचा का रंग साफ होता है, शारीरिक वृद्धि तेजी से होती है, कब्ज दूर होता है और दूसरी बीमारियां दूर भागती हैं। आज हम सोयाबीन खाने से होने वाले सौंदर्य लाभ के बारे में बताने जा रहें हैं।


सोयाबीन के लाभ:-



मधुमेह की रोकथाम: सोयाबीन का सेवन करने वालों के शरीर में ग्लूकोज का स्तर सामान्य रहता है। इसमें मौजूद फाइबर ब्लड ग्लूकोज को कम करने में सहायता करते हैं।
एनिमिया में लाभकारी:- सोयाबीन में कैल्शियम व लोहा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जिसके कारण यह महिलाओं के लिए बहुत उपयोगी है। गाय व भैंस के दूध में लोहा ना के बराबर पाया जाता है। सोयाबीन का सेवन उन महिलाओं लिए बहुत अच्छा है, जो कि एनिमिया (हीमोग्लोबिन की कमी) या ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी कमजोर होना) नामक बीमारियों से पीड़ित होती हैं। 
त्वचा को नमी पहुंचाए :-छिलके के साथ वाली सोयाबीन खाने से रूखी और पपड़ीदार त्वचा को नमी मिलती है साथ ही त्वचा से अतिरिक्त तेल साफ़ होजाता है। साथी ही यह हर तरह की त्वचा के लिए लाभदायक है।
मजबूत हड्डियां:- कम उम्र से इसका सेवन हड्डियों को मजबूत बनाता है। साथ ही हड्डियों से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं।
रात में पसीना आना:मेनोपॉज से गुजर रही महिलाओं में रात को अचानक गर्मी लगने और पसीना आने की समस्या काफी कम हो जाती है। नियमित इसका सेवन करने वाली महिलाओं में रात में पसीना आने की समस्या कम होती है।
असमय बुढ़ापा से बचाए सोयाबीन:- खाने से त्वचा पर आये धब्बे, झुर्रियाँ और फाइन लाइन कम होने लगती हैं। इसमें पाये जाने वाला फीटोएस्ट्रोजन से शरीर में एस्ट्रोजन बनने लगता है जिसे झुर्रियाँ और फाइन लाइन कम हो जाती है।
स्किन रिजूवनैशन :-सोयाबीन में मौजूद विटामिन ई मृत त्वचा की कोशिकाओं को फिर से बनता है। जिससे त्वचा फिर से जवां और खूबसूरत दिखने लगाती है। सोयाबीन पाउडर को पानी में मिला कर पेस्ट बनाये और इसे अपनी त्वचा पर लगाएं। थोड़ी देर के लिए छोड़ दें और फिर धो दें।
पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त:- सोयाबीन में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसका सेवन पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। गेहूं से जिन्हें एलर्जी है, वे इसके आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं। आंतों के लिए भी सोयाबीन अच्छा रहता है।
नाखून मजबूत करे :-कुछ दिनों के लिए अपने भोजन में सोयाबीन को शामिल करें और आप महसूस करेंगे कि टूटे हुए नाखून ठीक होने लगें हैं। इससे आपके नाखून मजबूत होने और उनमें चमक आएगी। यही नहीं किसी भी प्रकार का संक्रमण भी ठीक हो जायेगा।
कितनी मात्रा सही:-
किसी भी अन्य आहार की तरह सोया का अत्यधिक सेवन नुकसान करता है। हालांकि इसके प्रचार में इसके अधिक सेवन पर जोर दिया जाता है। सोयाबीन में फायटिक एसिड अधिक होता है, जो आंत में कैल्शियम, मैग्नीशियम, कॉपर, आयरन और विशेषकर जिंक के अवशेषण को रोक देता है। यही वजह है कि इसे ज्यादा खाने वालों में दूसरे मिनरल्स की कमी की आशंका बढ़ जाती है। अधिक मात्रा में सोयाबीन खाने से शरीर में आयोडीन की मात्रा कम हो जाती है और थायरॉइड ग्लैंड पर सूजन आ जाती है, जिससे उसकी कार्यप्रणाली धीमी हो जाती है। थकान और अवसाद होता है। इसलिए सोयाबीन अधिक खाने वालों को अधिक आयोडीन खाने की सलाह दी जाती है।
बालों को झड़ने से रोके:-सोयाबीन गंजापन और बालों का झड़ना रोकता है। आप बालों में लगाने के लिए सोयाबीन के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे बालों की ग्रोथ होती है आगे होने वाले नुकसान से बच जाती हैं।
मानसिक रोगोंमें:-
सोयाबीन में फॉस्फोरस इतनी होती है कि यह मस्तिष्क (दिमाग) तथा ज्ञान-तन्तुओं की बीमारी, जैसे-मिर्गी, हिस्टीरिया, याददाश्त की कमजोरी, सूखा रोग (रिकेट्स) और फेफड़ो से सम्बन्धी बीमारियों में उत्तम पथ्य का काम करता है। सोयाबीन के आटे में लेसीथिन नमक एक पदार्थ तपेदिक और ज्ञान-तन्तुओं की बीमारी में बहुत लाभ पहुंचता है। भारत में जो लोग गरीब है। या जो लोग मछली आदि नही खा सकते है, उनके लिए यह मुख्य फास्फोरस प्रदाता खाद्य पदार्थ है। इसको खाना गरीबों के लिए सन्तुलित भोजन होता है
दिल के रोग में :-
इस में 20 से 22 प्रतिशत वसा पाई जाती है। सोयाबीन की वसा में लगभग 85 प्रतिशत असन्तृप्त वसीय अम्ल होते हैं, जो दिल के रोगियों के लिए फायदेमंद है। इसमें लेसीथिननामक प्रदार्थ होता है। जो दिल की नलियों के लिए आवश्यक है। यह कोलेस्ट्रांल को दिल की नलियों में जमने से रोकता है।
यह खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए यह दिल के रोगियों के लिये फायदेमंद है। ज्यादातर दिल के रोगों में खून में कुछ प्रकार की वसा बढ़ जाती है, जैसे-ट्रायग्लिसरॉइड्स, कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल, जबकि फायदेमंद वसा यानी एचडीएल कम हो जाती है। सोयाबीन में वसा की बनावट ऐसी है कि उसमें 15 प्रतिशत सन्तृप्त वसा, 25 प्रतिशत मोनो सन्तृप्त वसा और 60 प्रतिशत पॉली असन्तृप्त वसा है। खासकर 2 वसा अम्ल, जो सोयाबीन में पायें जाते हैं। यह दिल के लिए काफी उपयोगी होते हैं। सोयाबीन का प्रोटीन कोलेस्ट्रल एवं एलडीएल कम रखने में सहायक है। साथ ही साथ शरीर में लाभप्रद कोलेस्ट्रॉल एचडीएल भी बढ़ाता है।
पेड़ के कीड़े :-
इस की छाछ पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
हानि :-
कम मात्रा में ही खाएं:कोई भी चीज ज्याीदा मात्रा में खाने से नुकसान ही होता है। कुछ अध्यमयनों में पाया गया है कि रोजाना सोयाबीन या सोयाबीन से बने प्रॉडक्ट  जैसे सोया मिल्क् और टोफू खाने से पुरुषों को  साइड इफेक्ट्से भी हो सकते हैं।
सेक्चुेअल प्रॉब्ल म का खतरा:-
ज्याचदा मात्रा में सोयाबीन खाने से पुरुषों में सेक्शु अल समस्याम हो सकती है। इससे उनके हार्मोन, लिबिडो पावर, स्प र्म की संख्याम और प्रजनन क्षमता के स्तर पर प्रभाव पड़ सकता है।




Wednesday, January 25, 2017

मेथी के गुण

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                               मेथी के गुण

मेथी के गुण


मेथी देखने में तो हैं छोटे, मगर गुण है अनेक। ये अपने महक और स्वाद के द्वारा पूरे व्यंजन के स्वाद को बदल देने की क्षमता रखते हैं।  वैसे तो मेथी का स्वाद थोड़ा कड़वा होता है लेकिन भारतीय रसोईघरों में मेथी का इस्तेमाल साधारणतः करी, सब्ज़ियों से बने व्यंजन, दाल आदि के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है। और मेथी के पत्तों से बनें मेथी पराठा की बात कैसे भूल सकते हैं।मेथी में पोटेशियम और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाये जाते हैं। हरी सब्जियों में लोहा अधिक पाया जाता है। जो शरीर की कमजोरी को नष्ट करता है। यह खांसी, कफ, बुखार, बवासीर, टी बी जैसी खतरनाक बीमारियों की रोकथाम करती है। साथ ही मेथी के इस्तेमाल से शरीर की कमजोरी, दांतों की सड़न आदि की बीमारी दूर होती है। मेथी किस तरह से आपकी सेहत के लिए उपयोगी है  इस यौगिक के कारण ही मेथी बहुगुणी बन जाता है, जिसके कारण वह स्वास्थ्य से लेकर सौन्दर्य सभी क्षेत्रों में अपना जादू चला पाता है।आइये जानते हैं मेथी के इस्तेमाल और फायदों के बारे में।

सर्दी जुकाम होने पर :-
कफ दोष की वजह से जिन्हें हमेशा सर्दी-जुकाम रहता है वे सरसों के तेल को गरम करके अदरक, गरम मसाला और लहसुन डालकर बनायी गई मेथी की सब्जी का सेवन नित्य करें। एैसा करने से सर्दी जुकाम से निजात मिलेगा।

स्तन के आकार को बढ़ाता है:-
अगर आप स्तन के छोटे आकार को लेकर शर्मिंदा महसूस करते हैं तो मेथी को अपने रोज के आहार में शामिल करें। इसका एस्ट्रोजेन हार्मोन स्तन के आकार को बढ़ाने में मदद करता है।
बहुमूत्रता:-
जिन लोगों को बार-बार पेशाब जाना पड़ता हो यानि बहुमूत्रता से परेशान हो उनके लिए मेथी का सेवन लाभकारी होता है। मेथी की भाजी के 100 मि.ली रस में डेढ़ ग्राम मिश्री डालकर नित्य सेवन करने से बहुमूत्रता से छुटकारा मिल सकता है।
हृदय संबंधी खतरे को कम करने में मदद करता है:-
मेथी के दानों में गैलाक्टोमेनन (galactomannan) के गुण के कारण वह दिल के दौरा पड़ने के खतरे को कम करने में मदद करता है।  मेथी पोटेशियम का सबसे अच्छा स्रोत होता है जो सोडियम के प्रभाव को कम करके दिल के हृदय गति और रक्त चाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।
बालों के झड़ने के लिए ( Methi/fenugreek seeds for hair loss):-
बालो के झड़ने का इलाज, मिक्सर में मेथी के बीज के 2 बड़े चम्मच ले लो और पाउडर के रूप में उन्हें पीसो। अब इस पाउडर को एक कटोरी में लें और उसमे एक बड़े चम्मच नारियल या जैतून का तेल अच्छी तरह से मिलाएं। इस मिश्रण को बालों के झड़ने और क्षतिग्रस्त क्षेत्र पर लगायें। दस मिनट के लिए इसे सूखने दें। फिर हल्के शैम्पू से धो लें।
रूसी के लिए ( dandruff-Soak):-
रूसी इलाज के लिए आयुर्वेदिक तरीके, रात  भर भिगोये हुये मेथी के बीज को लें और मिक्सर में चिकना पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को एक कटोरी में लें और 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस अच्छी तरह से मिलाएं। इसे बालों और सिर पर लगायें। यह रूसी हटाने का पुराना दादी माँ का नुस्खा है।
मधुमेह को नियंत्रित करता है:-
मेथी मधुमेह ग्रस्त लोगों के लिए वरदान स्वरूप है। मेथी में जो घुलनशील फाइबरगैलाक्टोमेननहोता है, वह रक्त में शुगर के सोखने की प्रक्रिया को कम करने में मदद करता है।
 सर्दी जुकाम होने पर:-
कफ दोष की वजह से जिन्हें हमेशा सर्दी-जुकाम रहता है वे सरसों के तेल को गरम करके अदरक, गरम मसाला और लहसुन डालकर बनायी गई मेथी की सब्जी का सेवन नित्य करें। एैसा करने से सर्दी जुकाम से निजात मिलेगा।
हाथ पैर के दर्द में :-
वायु रोग के कारण हाथ और पैरों में दर्द होता है। इस दर्द से राहत पाने के लिए मेथी दानों को घी में सेंककर उसका चूर्ण बनायें एंव उसके लड्डू बनाकर प्रतिदिन एक लड्डू खाने से आपको दर्द से निजात मिलेगा।

चेहरे का घरेलू स्क्रब (Methi/fenugreek homemade Facial Scrub):-

मेथी दाना के लाभ, दो भाग भीगे हुये मेथी के बीज और एक भाग दही लेकर मिक्सर में दरदरा पीस लें। जब मिश्रण चिकना हो जाए, तो उसमें मेथी पाउडर डाल दें। अब इसे चेहरे पर रगड़ें। यह चेहरे से मृत त्वचा कोशिकाओं को निकाल देगा।

सौन्दर्य की चीजें :-

आप मेथी से बने हुए फेस पैक के इस्तेमाल से झुर्रियों, मुंहासे और ब्लैकहेड को खत्म कर सकते हो। मेथी के दानों को पानी में उबालकर उसे ठंडा कर लें और उससे अपना चेहरा साफ करें।मेथी के हरे पत्तों को अच्छे से पीसकर उसका पेस्ट बना लें और इसे अपने चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर सूखने दें। और फिर अपना चेहरा पानी से धो लें।

मुहांसो के इलाज के लिए मेथी के बीज (Methi/fenugreek seed for pimple ):-                                                                                      

मुहांसे का उपचार, रात भर भीगे हुए मेथी के बीजों को लें और अगले दिन सुबह इसे चिकना मलाईदार होने तक पीसें। इस मिश्रण को अपनी उंगली के टिप की सहायता से मुहांसो के ऊपर लगायें। दस से बारह मिनट के लिए सूखने दें, और फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें। अपने चेहरे को मुहांसो से  मुक्त करने के लिए इस प्रक्रिया को 30 से 45 दिनों के लिए दोहरायें।
कोलोन कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है:-
मेथी का फाइबर शरीर से विषाक्त पदार्थ टॉक्सिन्स को निकालने में सहायता करता है। इस प्रक्रिया के द्वारा वह कैंसर से कोलोन के म्युकस मेमब्रेन की रक्षा करता है। 
भूख को कम करके वज़न घटाने की प्रक्रिया में मदद करता है:-
सुबह भिगोया हुआ मेथी दाना खाने से पेट देर तक भरा हुआ महसूस होता है। इसलिए जो लोग वज़न घटाना चाहते हैं वे खाली पेट इसका सेवन कर सकते हैं।

जलने के निशान पर मेथी के बीज के उपयोग : मेथी के फायदे,जलने के निशान से छुटकारा पाना कठिन है, लेकिन समय के साथ मेथी के उपयोग से ये फीका हो सकता है। रात भर भीगे हुए मेथी के बीज का पेस्ट बनाकर निशान  पर लगायें,और उसे पूरी तरह से सूखने दें। अब उसे पानी से धो लें। इसे नियमित रूप से प्रयोग करें

सावधानी:-
मेथी गर्म होती है इसलिए अत्याधिक इसका सेवन न करें। यह पित्त को बढ़ाती है। जो लोग पेशाब में खून, मासिक धर्म और खूनी बवासीर से परेशान हों वे लोग मेथी का सेवन न करें।







 




Monday, January 23, 2017

पत्तागोभी के फायदे और नुकसान Advantages And Disadvantages Of Eating Cabbage

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पत्तागोभी के फायदे और नुकसान Advantages And Disadvantages Of Eating Cabbage

यह पत्तागोभी या करमकल्ला के नाम से पुकारी जाती है। प्रतिदिन पत्तागोभी का सेवन उच्च रक्तचाप व रक्त के थक्के जमने से रोकता है, साथ ही घाव (Ulcer) और कैंसर से भी बचाव करता है। इसके पत्ते कच्चे सलाद के रूप में खायें, सब्जी खायें।आज खुद को स्वस्थ्य रखने के लिए लोग हरी सब्जियों का अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा शामिल कर रहे हैं। पत्ता गोभी उनमें से एक है। अधिकांश घरों में सेवन किया जाने वाला पत्ता गोभी स्वास्थ्य के लिए एक गुणकारी सब्जी है। इसे लोग सब्जी और पकौड़े के रूप में खाते हैं। इसके अलावा इसका इस्तेमाल सलाद के रूप में भी किया जाता है। फायबर, बिटा केरोटिन, विटामिंस बी1, बी6, के, , सी  से भरपूर पत्ता गोभी त्वचा और बालों के लिए बहुत ही उपयोगी है। आयरन, पोटेशियम और सल्फर से भरपूर पत्ता गोभी ब्रेसिका परिवार का एक सदस्य  है जिसे बंद गोभी भी कहा जाता है। इस परिवार की अन्य सब्जियों में ब्रोकली, फूल गोभी और ब्रूसल स्प्रा उट आते हैं। 
पत्तागोभी में  घुलने वाला फायबरबिटा केरोटिनविटामिंस B1, B6, K, E, C के अलावा और भी कई विटामिंस भरपूर मात्रा में होते हैं। पत्तागोभी में मिनरल्स आयरन और सल्फर भी काफी ज्यादा होते हैं। पत्तागोभी आपके स्वास्थ्यत्वचा और बालों के लिए बहुत उपयोगी है। इसमें पाए जाने वाले खास गुणों के कारण इसे सुपर फुड भी माना जाता है। अगर आप अपने स्वास्थ्य को बिल्कुल दुरुस्त रखना चाहते हैं तो पत्तागोभी को अपने डाइट का हिस्सा बनाना सबसे बेहतर कदम है।

पत्ता गोभी के लाभ:-  पत्तागोभी के कच्चे पत्ते 50 ग्राम नित्य खाने से पायोरिया व दाँतों के अन्य रोगों में लाभ होता है।

पत्तागोभी पेट को साफ रखने में बहुत कारगर है। इसमें क्लोरीन और सल्फर नाम के दो बहुत जरुरी मिनरल्स होते हैं। आप पत्तागोभी का ज्यूस पीने के बाद एक तरह की गैस महसूस करेंगे और यह गैस इस बात का इशारा होता है कि ज्यूस ने अपना काम करना शुरु कर दिया है।
पत्तागोभी के 50 ग्राम पत्ते खाने से गिरे हुए बाल उग आते हैं। बाल गिरते हों, गंज हो गई हो तो पत्तागोभी के रस से बालों को तर करके मलें और 10 मिनट बाद सिर धोयें। नित्य कुछ सप्ताह करने से लाभ होगा |पत्तागोभी के ज्यूस में पाया जाने वाले विटामिन E और सिलीकॉन से नए बाल उग आते हैं। इसके नियमित इस्तेमाल से आप काले और घने बाल पा सकते हैं।
आपने नाश्ते में पत्ता गोभी को शामिल करें या इसका जूस पिएं। इससे झुरियां जल्दी ही गायब होती है।
पत्तागोभी को वजन कम करने के लिए बहुत ही कारगर उपाय समझा जाता है। यह आपके पाचन को दुरुस्त करता है और इसमें कैलोरी की मात्रा भी बहुत कम होती है। यह पेट से जुडी हर प्रकार की समस्या से आपको निजात दिलाता है और अल्सर के इलाज में तो इसे अचूक उपाय समझा जाता है। 4. पत्तागोभी में फोलिक एसिड होता है जिसमें एनीमिया यानी खून की कमी को दूर करने का खास गुण होता है। फोलिक एसिड में नए ब्लड सेल्स का निर्माण करता है। 
आधा कप पत्तागोभी का रस और 5 चम्मच पानी मिलाकर सुबह-शाम पीने से अम्लपित्त में लाभ होता है।
पत्ता गोभी के पत्ते चबाकर खाने से कब्ज में आराम मिलता है। यह पेट से जुडी हर प्रकार की समस्या से आपको निजात दिलाता है और अल्सर के इलाज में तो इसे अचूक उपाय समझा जाता है।
पोटेशियम और विटामिन से भरपूर पत्ता गोभी शरीर का रंग साफ करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इससे त्वचा नर्म और आकर्षित होती है।इसमें पोटेशियम (जिसमें आपके शरीर को साफ करने का गुण होता है) के अलावा विटामिन A और विटामिन E होते हैं। यह  दोनों विटामिन स्किन टीशुज को ताजगी देकर आपकी त्वचा को गोरानर्म और आकर्षक बनाते हैं।  
 प्रात: खाली पेट सर्वप्रथम कम-से-कम आधा कप पत्तागोभी का रस नित्य पियें। इससे आरम्भिक अवस्था में कैंसर, बड़ी आँत का प्रदाह ठीक हो जाता है। नींद की कमी, पथरी और मूत्र को रुकावट में पत्तागोभी लाभदायक है। इसकी सब्जी घी से छौंककर बनानी धाहिए।
इस रोग में आँत में सूजन आ जाती है। रोगी को भ्रम हो जाता है कि उसे भोजन नहीं पचता। बात-बात में निराश होने वालों को यह रोग प्राय: हो जाता है। एक गिलास छाछ में चौथाई कप पालक का रस, एक कप पत्तागोभी का रस मिलाकर नित्य दिन में दो बार पियें। कुछ ही दिनों में कोलाइटिस ठीक हो जाती है।
दो सौ ग्राम मठ्ठे में, पचास ग्राम पालक का रस और सौ ग्राम पत्ता गोभी का रस मिलाकर पीने से कोलाइटिस में बहुत ही लाभ देता है। दिन में दो बार सेवन करने से अधिक लाभ होता है। 
लगातार काम करने से आपकी मांसपेशियों में दर्द होता है तो पत्ता गोभी का सेवन कीजिए।
 मोतियाबिंद के खतरे को कमर करना है तो पत्ता गोभी का लगातार सेवन कीजिए। 
पत्ता गोभी के नुकसान:-
पत्ता गोभी की खासियत के साथ साथ हम आपको पत्ता गोभी से जुड़े सच के बारे में बता रहे है|पत्तागोभी में कई बार टेपवर्म नाम का कीड़ा मौजूद होता है और यह नंगी आंखों से नजर भी नहीं आता है। यह कीड़ा मनुष्य के दिमाग, लीवर और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। यदि समय पर उपचार न हो तो आदमी काल का ग्रास बन सकता है। इस संदर्भ में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. एसके सोनी ने बताया कि पत्तागोभी कच्चा खाना काफी खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस सब्जी में कई बार टेपवर्म कीड़ा होता है जो कि आदमी के दिमाग, फेफड़े और लीवर पर कब्जा जमाकर अपना काम शुरू कर देता है, जिसके चलते आदमी गंभीर रूप से बीमार पड़ जाता है। आमतौर पर हम लोग पत्तागोभी को पकाने से पहले या कच्चा खाने से पहले धोते तो हंै, लेकिन यह कीड़ा गोभी की परतों के बीच में छिपे होने के कारण निकल नहीं पाता है और यह खाने के साथ आदमी के पेट में चला जाता है, जहां से यह आदमी के फेफड़े, लीवर या दिमाग में अपना डेरा जमा लेता है। उन्होंने कहा कि पत्तागोभी की सब्जी जल्दी ही पक जाती है, जिसके चलते टेपवर्म कीड़ा भी इसमें जीवित ही रह जाता है, इसलिए  पत्तागोभी  को  काटने से पहले और काटने के बाद भी धोना चाहिए। ऐसा करने से इस कीड़े से बचने की संभावना बढ़ जाती है।




 

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