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Thursday, December 29, 2016

सर्दी जुखाम से बचने के घरेलु उपाय, Cough Cold Home Remedies

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सर्दी जुखाम से बचने के घरेलु उपाय, cough Cold Home Remedies 

सर्दी जुखाम से बचने के घरेलु उपाय

जब हमारा शरीर मौसम के अनुसार एडजस्ट नहीं करता है तो हम मौसमी रोगों के शिकार हो जाते है। मौसम के बदलाव के दौरान व्यक्ति का शरीर वातावरण में हो रहे बदवाल को नहीं झेल पाता है और सर्द-गर्म के असर से सर्दी-जुकाम से ग्रसित हो जाता है|सर्दी की शुरुआत नाक से होती है पर धीरे-धीरे इसका असर पूरे शरीर पर होने लगता है। बहती नाक एक ऐसा चिड़चिड़ा रोग है जो हमारा दिन बर्बाद कर सकता है। जुकाम के लक्षण, भीषण सर्दी से सिरदर्द, शरीर का बढ़ता तापमान, खुरदरा गला जैसी कई तकलीफें हो सकती हैं। सर्दी-जुकाम से तकलीफ बढ़ जाती है। हालांकि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन यह देखा जाता है कि इस बीमारी में दवाईयों का असर भी कम होता है। इसके लिए सबसे अच्छा होता है घरेलू यानी देसी नुस्खे का इस्तेमाल। घर में बनाए जाने वाले इन देसी नुस्खों से आप आसानी से सर्दी जुकाम को काबू में कर अपना इलाज कर सकते है।


जुकाम का उपचार :-

भाप ले (Inhale steam) :- गर्म भाप लेना एक चिकित्‍सीय तरीका है। इसमें नाक और गले के माध्‍यम से फेफड़ों तक गर्म हवा पहुंचाई जाती है, जिससे काफी राहत मिलती है। गर्म भाप से आपकी बंद नाक खुलती है और आपको आसानी से सांस लेने को मिलती है। गर्म भाप लेने से आपके शरीर का तापमान बढ़ता है जिससे ब्‍लड वेसल यानि रक्‍त धमनी का विस्‍तार हो जाता है। इससे ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधार होता है, स्किन के छिद्र खुलते हैं और आपकी रंगत लौट आती है। इतना ही नहीं तापमान के बढ़ने पर आपका इम्‍यून सिस्‍टम बढ़ता है। इससे बैक्टीरिया और कीटाणुओं के खिलाफ कार्रवाई करने वाले मजबूत प्रतिरोधक डब्‍ल्‍यूबीसी का भी उत्‍पादन बढ़ जाता है। यह सबसे अच्छा, आसान और प्रभावी तरीका है जो आप घर पर कर सकते है। यह आपकी बहती नाक को कम करेगा। एक बर्तन में उबलता पानी ले और अपना नाक नहीं जले इसका ध्यान रखते हुए भाप ले। राहत के लिए आप एक ह्यूमिडिफाइर का उपयोग कर सकते है या गरम पानी से भी नहा सकते हैं।
खारे स्प्रे का नाक में उपयोग करें (Use saline nasal spray):- कुछ नमक का पानी बनाकर इसको अपनी नाक पर स्प्रे करे या नाक धो ले, जिससे आपके नाक से विषाणु और जीवाणुओं को हटाने में मदद मिलेगी।
गर्म नमक के पानी से कुल्ला करे (Gargle with warm salt water) :-  नमक वाला पानी पेट के अंदर प्राकृतिक नमक, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और प्रोटीन को पचाने वाले इंजाइम को उत्तेजित करने में मदद करता है। इससे खाया गया भोजन टूट कर आराम से पच जाता है। इसके अलावा इंटेस्टाइनिल ट्रैक्ट और लिवर में भी एंजाइम को उत्तेजित होने में मदद मिलती है, जिससे खाना पचने में आसानी होती है। आधा चम्मच नमक 8 औंस गर्म पानी में मिलाकर इससे कुल्ला करे यह आपके गले को नम करने में मदद करेगा। बेहतर परिणाम के लिए यह रोज चार बार करे।

दूध और हल्दी :- हल्दी का दूध पीने से कई छोटी-छोटी बीमारियां दूर रहती है और आपको बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है। हल्दी का दूध श्वास संबंधी रोगों को शरीर से दूर रखता है। इस दूध के नियमित सेवन से श्वसन तंत्र मजबूत होता है और इससे सांस की छोटी-मोटी बीमारियां नहीं होती है। हल्दी के दूध एंटीमाइक्रोबिएल होने की वजह से यह छोटे मोटे इंफेक्शन और वायरल इंफेक्शन को खत्म कर देता है। गर्म पानी या फिर गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पीने से सर्दी जुकाम में तेजी से फायदा होता है। यह नुस्खा ना सिर्फ बच्चों बल्कि बड़ों के लिए भी कारगर साबित होता है। हल्दी एंटी वायरल और एंटी बैक्टेरियल होता है जो सर्दी जुकाम से लड़ने में काफी मददगार होता है।

अदरख :- कच्चे अदरक की पतली स्लाइस उबलते पानी में डालें। ठंडा होने के बाद इस पानी को पी ले। यह आपको सर्दी से दूर रखकर मचलन से भी राहत देता है। अदरख के यूं तो कई फायदे है लेकिन अदरख की चाय सर्दी-जुकाम में भारी राहत प्रदान करती है।  सर्दी-जुकाम या फिर फ्लू के सिम्टम में ताजा अदरख को बिल्कुल बारीक कर ले और उसमें एक कप गरम पानी या दूध मिलाए। उसे कुछ देर तक उबलने के बाद पीए। यह नुस्खा आपको सर्दी जुकाम से राहत पाने में तेजी से मदद करता है। शहद के साथ अदरक का सेवन सुबह शाम करने से भी सर्दी जुकाम में जल्दी आराम मिलता है।

 शहद और नींबू :- नींबू और शहद के इस्तेमाल से सर्दी और जुकाम में फायदा होता है। दो चम्मच शहद में एक चम्मच नींबू का रस एक ग्लास गुनगुने पानी या फिर गर्म दूध में मिलाकर पीने से इसमें काफी लाभ होता है। चाय में शहद और नींबू की कुछ बूँदें डालें। शहद खांसी दबाता है और नींबू गले की दर्द में आराम दिलाता है। जीवाणुरोधी शहद अगर रात के समय लिया जाए तो सोते समय खांसी से राहत देता है।

तुलसी पत्ता और अदरख:- यह एक तरह का आयुर्वेदिक उपचार है और सामान्य सर्दी को दूर करने में काफी कारगर साबित होता है। तुलसी के पत्ते अपने एंटी बैक्टीरियल (anti-bacterial) गुणों के लिए जाने जाते हैं। ये आपकी श्वास नली को आराम प्रदान करते हैं जिससे कि नाक की गन्दगी और संक्रमण भी काफी कम हो जाते हैं। तुलसी और अदरख को सर्दी-जुकाम के लिए रामबाण माना जाता है। इसके सेवन से इसमें तुरंत राहत मिलती है। एक कप गर्म पानी में तुलसी की पांच-सात पत्तियां ले। उसमें अदरख के एक टुकड़े को भी डाल दे। उसे कुछ देर तक उबलने दे और उसका काढ़ा बना ले। जब पानी बिल्कुल आधा रह जाए तो इसे आप धीरे-धीरे पी ले। यह नुस्खा बच्चों के साथ बड़ों को भी सर्दी-जुकाम में राहत दिलाने के लिए असरदार होता है।

v  तीन चार काली मिर्च को पीसकर उसमे थोड़ी से पिसी हींग मिलाकर उसे गुड़ की छोटी डली के बीच में भरकर उसकी गोली बना ले। फिर सुबह शाम इस मिश्रण की गोली का सेवन करें । इस उपाय से सर्दी, जुकाम, बंद नाक, बदन दर्द, कफ आदि में शीघ्र ही राहत मिलती है

v  सर्दी जुकाम होने पर रात को सोते समय दोनों कानो में राई के हल्के गर्म तेल की तीन चार बूंदे डालकर कानो को रुई के फाहों से बंद कर दें इससे जुकाम जल्द ही भाग जाता है

v  जुकाम और कफ में सुबह शाम गुनगुने पानी से अजवाइन की फंकी लेने से जुकाम में शीघ्र ही राहत मिलती है

v  किशमिश को पीस कर पानी के साथ पेस्ट बना लें। इसमें चीनी डाल कर उबालें और ठंडा होने के लिए छोड़ दें। रोज रात में सोने से पहले इसको लेने से सर्दी जुकाम में राहत मिलती है।

v  योग विशेषज्ञों के अनुसार योग करने से भी सर्दी और इसके लक्षणों से काफी हद तक छुटकारा प्राप्त होता है। विभिन्न प्रकार की योग मुद्राएं जिनमें सांस लेने की विभिन्न मुद्राएं और प्राणायाम शामिल होते हैं, आपकी सर्दी से लड़ने में काफी सहायता करते हैं।

 

 

 

 




जुकाम का उपचार जुकाम का उपचार जुकाम की कोई चिकित्सा नहीं है। इस स्वतः कम होने वाली बीमारी में घरेलू चिकित्सा ज्यादा उपयोगी होती है। जुकाम की कोई चिकित्सा नहीं है। इस स्वतः कम होने वाली बीमारी में घरेलू चिकित्सा ज्यादा उपयोगी होती है।

जब हमारा शरीर मौसम के अनुसार एडजस्ट नहीं करता है तो हम मौसमी रोगों के शिकार हो जाते है।मौसम के बदलाव के दौरान व्यक्ति का शरीर वातावरण में हो रहे बदवाल को नहीं झेल पाता है और सर्द-गर्म के असर से सर्दी-जुकाम से ग्रसित हो जाता है|सर्दी की शुरुआत नाक से होती है पर धीरे-धीरे इसका असर पूरे शरीर पर होने लगता है। जब हमारा शरीर मौसम के अनुसार एडजस्ट नहीं करता है तो हम मौसमी रोगों के शिकार हो जाते है।मौसम के बदलाव के दौरान व्यक्ति का शरीर वातावरण में हो रहे बदवाल को नहीं झेल पाता है और सर्द-गर्म के असर से सर्दी-जुकाम से ग्रसित हो जाता है|सर्दी की शुरुआत नाक से होती है पर धीरे-धीरे इसका असर पूरे शरीर पर होने लग

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