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Saturday, December 31, 2016

पेट में दर्द का कारण Stomach Pain

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                 पेट में दर्द का कारण  Stomach Pain 

पेट में दर्द का कारण Stomach Pain 

लोगों को पेट में दर्द होना एक सामान्य समस्या है। लेकिन अगर दर्द बढ़ता है तो इंसान का उठना बैठना तक मुसीबत बन जाता है और वह दर्द से अधिक परेशान हो जाता हैपेट में दर्द कई कारणों से हो जाता हैं. अपेंडिक्स की बीमारी के होने पर भी पेट में दर्द हो जाता हैं. पेट में मरोड़े उठने के कारण भी पेट में दर्द हो जाता हैं. बच्चों के पेट में दर्द अक्सर पेट में कीड़े हो जाने के कारण होता हैं. महिलाओं को पेट में दर्द मासिक धर्म के दिनों में होता हैं. पेट में गैस बनने के कारण भी पेट में दर्द हो जाता हैं. कभी कभी ठीक तरीके से पेट में खाना न पचने के कारण भी पेट में दर्द हो जाता पेट में दर्द होने पर हम कई दर्द निवारक दवाईयां लेते हैं, लेकिन हमारे किचन में भी कई चीजें ऐसी हैं, जिसके इस्तेमाल से हमें पेट दर्द से निजात मिल सकता है।
अगर किसी व्यक्ति के पेट में मरोड़े उठने के कारण पेट में दर्द हो रहा हो तो मेथी और दही का प्रयोग करना चाहिए. पेट के मरोडो को ठीक करने के लिए 3 या 4 ग्राम मेथी के दानों को लें. अब इन दानों को खूब बारीक़ पीस लें. अब एक कटोरी में दही लें, और उसमे मेथी के पाउडर को मिला दें. अब इस दही का सेवन करें. आपके पेट के मरोड़े और पेट का दर्द दोनों ही ठीक हो जायेंगे. पेट के मरोड़ो को ठीक करने के लिए एक और उपाय को अपनाया जा सकता हैं
उपाय स्टमक पेन होम रेमेडीस में से एक यह है की आप जीरा को हल्का सा भुन कर चबा के खा ले और उपर से गरम पानी जिस में थोड़ासा सेंधा नमक मिलाया है वो पी ले|

असिडिटी के कारण कई बार दर्द काफ़ी तेज होता है| ऐसे में गिलोय, गुदुची, यष्टिमधु और गुग्गूल का चूरना को मिला के सेवन करे| यह सभी सामग्री ना हो तो जायफल का टुकड़ा मूह में रखे और चूसे| इस से इलाज 5 मिनिट में हो जाएगा| ठीक इसी तरह 5 मिनिट में पेट का दर्द दूर करना है तो पानी में बेकिंग सोडा डाल के पिए

हिंग और काला नमक का प्रयोग करके भी पेट के दर्द को ठीक किया जा सकता हैं. इस उपाय को करने के लिए थोडा सा काला नमक लें. थोड़ी मात्रा में हिंग का पाउडर लें. अब एक बर्तन में थोडा सा तेल डालें, और उसमे काले नमक और हिंग के मिश्रण को डालकर थोडा गरम कर लें. अब इस गरम तेल को पेट पर लगाये. ध्यान रखें की तेल ज्यादा गरम न हो, तेल को इतना  गरम करें जितना की आपको सहन हो जाये. आपके पेट का दर्द जल्दी ही ठीक हो जाएगा

बदहज़मी और गेस संबंधी स्टमक पेन यानि पेट दर्द के लिए आधा चमच अजवाइन ले और ¼ स्पून हींग और दोनो को फटाफट चबा के खा ले और थोड़ासा गरम पानी पी ले तो देखिए तुरंत राहत मिलेगा

होम  रेमेडीस स्टमक पेन यानि पेट दर्द के लिए अदरक का जूस निकल के शहद के साथ एक दो चमच पी ले|

अगर क़ब्ज़ के कारण दर्द है तो पेट दर्द का घरेलू इलाज है रात को त्रिफला चूरन खा ले|

पेट के दर्द से राहत पाने के लिए अजमोद का चुर्ण बहुत ही लाभकारी होता हैं. पेट के दर्द को ठीक करने के लिए दो ग्राम सेंधा नमक लें. 3 ग्राम अजमोद का चुर्ण लें. अब इन दोनों को मिला कर खाए. आपके पेट के दर्द में जल्दी ही आराम हो जायेगा

अगर डीहाएडरेशन या लूस मोशन के कारण दर्द है तो पेट दर्द का इलाज है अनार के दाने और अनार के छिलके|  अनार दाने का रस निकल के पीए| छिलके को खुल्ले आग पर भुने और पाउडर कर के ले| डीहाएडरेशन या लूस मोशन भी बंद होगा और पेट मे दर्द भी बंद होगा

अधिक खाना खा लिया हो तो गुन गुने पानी में नींबू का रस डाले, सौंफ का पाउडर, जीरा पाउडर, काला नमक और अजवाइन पाउडर डाल के पी ले तो भारीपन और दर्द कम होगा|

इमली की पत्तियों का प्रयोग भी पेट के दर्द से निजात पाने के लिए किया जा सकता हैं. इसके लिए चार ग्राम इमली के पत्तों को ले लें. अब इमली के पत्तों को सिल पर खूब महीन पीस लें. इमली के पत्तो के रस में अब 2 ग्राम सेंधा नमक मिलाएं और उसका सेवन करें. इमली के रस को पीने से पेट के दर्द में राहत मिलेगी 

पेट का दर्द कभी भी किसी को भी हो सकता है, असिडिटी, क़ब्ज़ और गॅस के कारण इस के लिए आप यह चूरन घर पर बना के तैयार रखे: जीरा, काली मिर्च, soonth पाउडर, धनिया पाउडर, कला नमक, अमचूर पाउडर, हींग, सवा बीज पाउडर और सूखा पुदीना का चूरन सभी का पाउडर कर के काला नमक के साथ मिला के रखे और एक चमच ले

पेट दर्द के कारण और घरेलू उपचार


तरल पदार्थ पीयें: - इलेक्ट्रोलाइट से भरे स्पोर्ट्स ड्रिंक्स पीयें | ये आपके शरीर में सोडियम और पोटासियम की कमी को पूरा करता है जो बीमारी से लड़ने में बहुत कारगर साबित होते हैं, पेपरमिंट, कैमोमाइल (chamomile) या अदरक की चाय शहद के साथ पीयें | ये तीन जड़ी बूटियाँ मतली की अनुभूती को कम करने में काफी सकरात्मक साबित होती हैं |

बेकिंग सोडा का सेवन करें: -कि यह हर एंटासिड का प्रमुख अवयव है, आप एक बड़ा चम्मच बेकिंग सोडा एक गलास गरम पानी में घोल कर इसका सेवन कर सकते हैं | धीरे धीरे इस पानी को पीयें और हर थोड़े घंटों में ऐसा करें जब तक मतली पूरी तरह से चली न जाये |

अदरक का पानी पीयें: -अदरक अपनी औषधीय विशेषताओं और वैकल्पिक स्वास्थ्य लाभ से आपके हाजमे को नियंत्रण में लाता है और आपके पेट दर्द को कम करता है | ताज़ा अदरक सुखी अदरक से ज्यादा जल्द और असरदार तरीके से काम करती है | आराम पाने के लिए गरम पानी में थोड़े कटे अदरक के टुकड़े डालें और इसको छान कर पीलें

हर्बल चाय पीयें: -ये तीन जड़ी बूटियां पेपरमिंट, अदरक और कैमोमाइल पेट की तकलीफों के लिए चमत्कारी साबित होती हैं | आप इन्हें दुकान से खरीदे हुए टी बैग के रूप में या फिर सूखे रूप को पानी में उबाल कर भी सेवन कर सकते हैं | बिना चीनी डाले थोड़ा स्वाद बढ़ाने के लिए शहद या नीम्बू भी डाल सकते हैं |












Friday, December 30, 2016

सिर के दर्द का घरेलु उपचार ,Head Pain Relief

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सिर के दर्द का घरेलु उपचार ,Head Pain Relief 

Head Pain Relief 

आज की इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में सिर दर्द एक सामान्य बात है। हर उम्र के लोग अकसर इसकी शिकायत करते हैं। वे लोग इसके लिए कई तरह की दवाइयां भी लेते हैं। कई बार तो सिर दर्द से छुटकारा पाने के लिए लोग काफी पैसे भी खर्च करते हैं।यूं तो बाजार में कई तरह की दवाइयां मौजूद हैं जो सिर दर्द में राहत के लिए ली जाती हैं लेकिन हर बार दवाई लेना भी सही नहीं है. शरीर में बहुत अधिक बाहरी लवण का जाना दूसरी बीमारियों का कारण बन सकता है सिर दर्द असल में नर्वस सिस्टम और गर्दन से जुड़ी हुई समस्या है. सुबह-सुबह सिर दर्द के साथ उठना मतलब पूरा दिन बर्बाद हो जाना. सिर दर्द एक बहुत सामान्य समस्या है पर कई बार ये इतना तेज होता है कि बर्दाश्त कर पाना मुश्‍क‍िल हो जाता है लोगों को शायद ये पता नहीं कि सिर दर्द घरेलू उपचार के जरिए भी आसानी से ठीक हो सकता है।ये उपाय इतने आसान हैं कि आप इन्हें अपने ऑफिस में काम करते-करते भी आजमा सकते हैं. पर एक बात जो सबसे महत्वपूर्ण है वो ये कि आप अपने मस्तिष्क से हर बुरे विचार को निकाल दीजिए और शांत रहने की कोशिश कीजिए. इन घरेलू उपायों की अच्छी बात ये है कि ये सभी पूरी तरह सुरक्षित और कारगर हैं
सिरदर्द कई प्रकार के होते हैं :-
अधिक देर तक सोते रहने या कम समय सोने से, नींद पूरी न होने के कारण भी सिरदर्द हो सकता है। 
कभी-कभी गर्मी में अधिक व्यायाम कर लेने से भी सिरदर्द शुरू हो जाता है 
दाँतों में दर्द के कारण भी सिरदर्द की शिकायत रहती है। दाँतों में कीड़ा लगने, अक्ल दाढ़ आने आदि से पूरे जबड़े में दर्द रहता है।  
अधिक जुकाम, मौसम में बदलाव, अधिक धूम्रपान आदि के कारण भी सिरदर्द की शिकायत रहती है।  
पूरा दिन किसी बंद कमरे में बिताने से शरीर को शुद्ध वायु नहीं मिल पाती। इस कारण से भी सिरदर्द हो सकता है। 
आज के कम्प्यूटर युग में जहाँ बच्चे से लेकर वृद्ध तक कई घंटों तक कम्प्यूटर के सामने बैठे रहते हैं, सिरदर्द एक आम बात है। अधिक देर तक टीवी देखने से भी सिरदर्द हो सकता है।
 

सिर के दर्द का घरेलु उपचार :-

ताजा नींबू और गर्म पानी का घोल :- कुछ-कुछ देर पर पानी की थोड़ी-थोड़ी मात्रा पीने से भी सिर दर्द में आराम मिलता है. एकबार आपका शरीर हाइड्रेटेड हो जाएगा तो सिर का दर्द धीरे-धीरे कम होने लगेगा एक ग्लास में गर्म पानी लें और नींबू का रस मिला कर पीएं। इससे आपको सिर दर्द से राहत पहुंचेगा। कई बार पेट में गैस बनने से भी सिर दर्द होता है। यह घरेलू उपचार इस तरह के सिर दर्द को आसानी से ठीक कर देता है। नींबू पानी पीने से न सिर्फ गैस की समस्या दूर होती है, बल्कि सिद दर्द भी ठीक होता है।

लौंग और नमक का पेस्ट :- सिर दर्द के लिए यह एक प्रभावी उपचार है।

तवे पर लौंग की कुछ कलियों को गर्म कर लीजिए. इन गर्म हो चुकी लौंग की कलियों को एक रूमाल में बांध लीजिए | कुछ-कुछ देर पर इस पोटली को सूंघते रहिए| आप पाएंगे कि सिर का दर्द कम हो गया है या फिर आप लौंग पाउडर और नमक का पेस्ट बना लें। फिर इस पेस्ट को दूध में मिलाकर पीएं। नमक में हाइग्रस्कापिक गुण पाया जाता है, जिससे यह सर में मौजूद सभी द्रव्य पदार्थ को सोख लेता है। नतीजतन सिर दर्द से आराम मिलता है।

 

सेब पर नमक डालकर खाने से :- जब आप सुबह उठें तो सेब पर नमक लगा कर खाएं। इसके बाद गर्म पानी या दूध पीएं। अगर आप लगातार 10 दिन तक ऐसा करेंगे तो पाएंगे कि आपकी सिर दर्द की समस्या खत्म हो गई। सिर दर्द में राहत पाने के लिए ये एक बहुत कारगर उपाय है

 

तुलसी की पत्त‍ियों द्वारा :- सिरदर्द में तुलसी के पत्तो की चाय बहुत लाभकारी होती है एक गिलास पानी में तुलसी के पत्तो को उबालकर इसमें थोड़ी चायपत्ती मिलकर पीने से सिरदर्द में आराम मिलता है आपने अक्सर लोगों को सिर दर्द होने पर चाय या कॉफी पीते देखा होगा | एकबार तुलसी की पत्त‍ियों को पानी में पकाकर उसका सेवन कीजिए. ये किसी भी चाय और काॅफी से कहीं अधिक कारगर और फायदेमंद है|

 

दालचीनी पाउडर का पेस्ट लगाएं :- अगर आपको अनिद्रा की प्रॉब्लम है या फिर आपको अच्छी नींद नहीं आती है तो दालचीनी वाला दूध पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा. सोने से पहले एक गिलास दालचीनी वाला दूध लें, इससे आपको अच्छी नींद आएगी सिर दर्द से छुटाकारा पाने का सबसे अच्छा उपचार यह है कि दालचीनी को पीस कर पाउडर बना लें। अब इसे पानी में मिला कर पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को सिर पर लगाने से आपको तुरंत आराम मिलेगा।

 

एक्यूप्रेशर के द्वारा :- सालों से लोग सिर दर्द में राहत के लिए एक्यूप्रेशर का प्रयोग करते आ रहे हैं |बहुत ही आसान पॉइंट्स है जिनका कोई भी कभी भी इस्तेमाल कर सकता है ! इसमें करना यह होता है की दोनों पैर की उँगलियों के सिरों को 2 से 5 मिनट तक अपने हाथ की उँगलियों से बार बार दबाना है जिससे रोज मर्रा की दिनचर्या में होने वाले सामान्य सिर दर्द में आराम मिलता है |सुबह घास पर नंगे पाँव चलने से ये पॉइंट्स अपने आप दब जाते है जिससे जल्दी सिर दर्द की नौबत ही नहीं आती है और व्यक्ति बार बार पेन किलर खाने से  बच सकता हैसिर दर्द होने की स्थिति में आप अपनी दोनों हथेलियों को सामने ले आइए. इसके बाद एक हाथ से दूसरे हाथ के अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच की जगह पर हल्के हाथ से मसाज कीजिए. ये प्रक्रिया दोनों हाथों में दो से चार मिनट तक दोहराइए. ऐसा करने से आपको सिर दर्द में आराम मिलेगा |

चंदन लगाएं :- माथे पर चंदन का तिलक लगाने का धार्मिक महत्व तो आप लोग जानते ही होंगे लेकिन शायद आपको इसका स्वास्थ्य के लिहाज़ से महत्व न पता हो। दोनों आंखों के बीच जिस बिंदु पर आप चंदन का तिलक लगाते हैं उसे अग्नचक्र कहते हैं। इस स्थान को तीसरी आंख भी कहा गया है। यहां चंदन लगाने से ये सक्रिय हो जाती है।चाइनीज़ एक्यूप्रेशर साइंस में, दोनों आइब्रो के बीच की जगह को तंत्रिकाओं का नज़दीकी बिंदु समझा जाता है। इसीलिए इस बिंदु पर मसाज करने से सिरदर्द में राहत मिलती है। अगर आप यगां चंदन का तिलक लगाते हैं तो आपकी तंत्रिकाओं को ठंडक पहुंचती है, और धूप की वजह से हुआ सिरदर्द ठीक होता है।थोड़ा सा सैंडलवुड लेकर पानी के साथ उसका पेस्ट तैयार करें। अब इस पेस्ट को अपने ललाट पर लगाएं। आपका सिर दर्द पूरी तरह से ठीक हो जाएगा।


 

 

 







Thursday, December 29, 2016

सर्दी जुखाम से बचने के घरेलु उपाय, Cough Cold Home Remedies

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सर्दी जुखाम से बचने के घरेलु उपाय, cough Cold Home Remedies 

सर्दी जुखाम से बचने के घरेलु उपाय

जब हमारा शरीर मौसम के अनुसार एडजस्ट नहीं करता है तो हम मौसमी रोगों के शिकार हो जाते है। मौसम के बदलाव के दौरान व्यक्ति का शरीर वातावरण में हो रहे बदवाल को नहीं झेल पाता है और सर्द-गर्म के असर से सर्दी-जुकाम से ग्रसित हो जाता है|सर्दी की शुरुआत नाक से होती है पर धीरे-धीरे इसका असर पूरे शरीर पर होने लगता है। बहती नाक एक ऐसा चिड़चिड़ा रोग है जो हमारा दिन बर्बाद कर सकता है। जुकाम के लक्षण, भीषण सर्दी से सिरदर्द, शरीर का बढ़ता तापमान, खुरदरा गला जैसी कई तकलीफें हो सकती हैं। सर्दी-जुकाम से तकलीफ बढ़ जाती है। हालांकि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन यह देखा जाता है कि इस बीमारी में दवाईयों का असर भी कम होता है। इसके लिए सबसे अच्छा होता है घरेलू यानी देसी नुस्खे का इस्तेमाल। घर में बनाए जाने वाले इन देसी नुस्खों से आप आसानी से सर्दी जुकाम को काबू में कर अपना इलाज कर सकते है।


जुकाम का उपचार :-

भाप ले (Inhale steam) :- गर्म भाप लेना एक चिकित्‍सीय तरीका है। इसमें नाक और गले के माध्‍यम से फेफड़ों तक गर्म हवा पहुंचाई जाती है, जिससे काफी राहत मिलती है। गर्म भाप से आपकी बंद नाक खुलती है और आपको आसानी से सांस लेने को मिलती है। गर्म भाप लेने से आपके शरीर का तापमान बढ़ता है जिससे ब्‍लड वेसल यानि रक्‍त धमनी का विस्‍तार हो जाता है। इससे ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधार होता है, स्किन के छिद्र खुलते हैं और आपकी रंगत लौट आती है। इतना ही नहीं तापमान के बढ़ने पर आपका इम्‍यून सिस्‍टम बढ़ता है। इससे बैक्टीरिया और कीटाणुओं के खिलाफ कार्रवाई करने वाले मजबूत प्रतिरोधक डब्‍ल्‍यूबीसी का भी उत्‍पादन बढ़ जाता है। यह सबसे अच्छा, आसान और प्रभावी तरीका है जो आप घर पर कर सकते है। यह आपकी बहती नाक को कम करेगा। एक बर्तन में उबलता पानी ले और अपना नाक नहीं जले इसका ध्यान रखते हुए भाप ले। राहत के लिए आप एक ह्यूमिडिफाइर का उपयोग कर सकते है या गरम पानी से भी नहा सकते हैं।
खारे स्प्रे का नाक में उपयोग करें (Use saline nasal spray):- कुछ नमक का पानी बनाकर इसको अपनी नाक पर स्प्रे करे या नाक धो ले, जिससे आपके नाक से विषाणु और जीवाणुओं को हटाने में मदद मिलेगी।
गर्म नमक के पानी से कुल्ला करे (Gargle with warm salt water) :-  नमक वाला पानी पेट के अंदर प्राकृतिक नमक, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और प्रोटीन को पचाने वाले इंजाइम को उत्तेजित करने में मदद करता है। इससे खाया गया भोजन टूट कर आराम से पच जाता है। इसके अलावा इंटेस्टाइनिल ट्रैक्ट और लिवर में भी एंजाइम को उत्तेजित होने में मदद मिलती है, जिससे खाना पचने में आसानी होती है। आधा चम्मच नमक 8 औंस गर्म पानी में मिलाकर इससे कुल्ला करे यह आपके गले को नम करने में मदद करेगा। बेहतर परिणाम के लिए यह रोज चार बार करे।

दूध और हल्दी :- हल्दी का दूध पीने से कई छोटी-छोटी बीमारियां दूर रहती है और आपको बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है। हल्दी का दूध श्वास संबंधी रोगों को शरीर से दूर रखता है। इस दूध के नियमित सेवन से श्वसन तंत्र मजबूत होता है और इससे सांस की छोटी-मोटी बीमारियां नहीं होती है। हल्दी के दूध एंटीमाइक्रोबिएल होने की वजह से यह छोटे मोटे इंफेक्शन और वायरल इंफेक्शन को खत्म कर देता है। गर्म पानी या फिर गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पीने से सर्दी जुकाम में तेजी से फायदा होता है। यह नुस्खा ना सिर्फ बच्चों बल्कि बड़ों के लिए भी कारगर साबित होता है। हल्दी एंटी वायरल और एंटी बैक्टेरियल होता है जो सर्दी जुकाम से लड़ने में काफी मददगार होता है।

अदरख :- कच्चे अदरक की पतली स्लाइस उबलते पानी में डालें। ठंडा होने के बाद इस पानी को पी ले। यह आपको सर्दी से दूर रखकर मचलन से भी राहत देता है। अदरख के यूं तो कई फायदे है लेकिन अदरख की चाय सर्दी-जुकाम में भारी राहत प्रदान करती है।  सर्दी-जुकाम या फिर फ्लू के सिम्टम में ताजा अदरख को बिल्कुल बारीक कर ले और उसमें एक कप गरम पानी या दूध मिलाए। उसे कुछ देर तक उबलने के बाद पीए। यह नुस्खा आपको सर्दी जुकाम से राहत पाने में तेजी से मदद करता है। शहद के साथ अदरक का सेवन सुबह शाम करने से भी सर्दी जुकाम में जल्दी आराम मिलता है।

 शहद और नींबू :- नींबू और शहद के इस्तेमाल से सर्दी और जुकाम में फायदा होता है। दो चम्मच शहद में एक चम्मच नींबू का रस एक ग्लास गुनगुने पानी या फिर गर्म दूध में मिलाकर पीने से इसमें काफी लाभ होता है। चाय में शहद और नींबू की कुछ बूँदें डालें। शहद खांसी दबाता है और नींबू गले की दर्द में आराम दिलाता है। जीवाणुरोधी शहद अगर रात के समय लिया जाए तो सोते समय खांसी से राहत देता है।

तुलसी पत्ता और अदरख:- यह एक तरह का आयुर्वेदिक उपचार है और सामान्य सर्दी को दूर करने में काफी कारगर साबित होता है। तुलसी के पत्ते अपने एंटी बैक्टीरियल (anti-bacterial) गुणों के लिए जाने जाते हैं। ये आपकी श्वास नली को आराम प्रदान करते हैं जिससे कि नाक की गन्दगी और संक्रमण भी काफी कम हो जाते हैं। तुलसी और अदरख को सर्दी-जुकाम के लिए रामबाण माना जाता है। इसके सेवन से इसमें तुरंत राहत मिलती है। एक कप गर्म पानी में तुलसी की पांच-सात पत्तियां ले। उसमें अदरख के एक टुकड़े को भी डाल दे। उसे कुछ देर तक उबलने दे और उसका काढ़ा बना ले। जब पानी बिल्कुल आधा रह जाए तो इसे आप धीरे-धीरे पी ले। यह नुस्खा बच्चों के साथ बड़ों को भी सर्दी-जुकाम में राहत दिलाने के लिए असरदार होता है।

v  तीन चार काली मिर्च को पीसकर उसमे थोड़ी से पिसी हींग मिलाकर उसे गुड़ की छोटी डली के बीच में भरकर उसकी गोली बना ले। फिर सुबह शाम इस मिश्रण की गोली का सेवन करें । इस उपाय से सर्दी, जुकाम, बंद नाक, बदन दर्द, कफ आदि में शीघ्र ही राहत मिलती है

v  सर्दी जुकाम होने पर रात को सोते समय दोनों कानो में राई के हल्के गर्म तेल की तीन चार बूंदे डालकर कानो को रुई के फाहों से बंद कर दें इससे जुकाम जल्द ही भाग जाता है

v  जुकाम और कफ में सुबह शाम गुनगुने पानी से अजवाइन की फंकी लेने से जुकाम में शीघ्र ही राहत मिलती है

v  किशमिश को पीस कर पानी के साथ पेस्ट बना लें। इसमें चीनी डाल कर उबालें और ठंडा होने के लिए छोड़ दें। रोज रात में सोने से पहले इसको लेने से सर्दी जुकाम में राहत मिलती है।

v  योग विशेषज्ञों के अनुसार योग करने से भी सर्दी और इसके लक्षणों से काफी हद तक छुटकारा प्राप्त होता है। विभिन्न प्रकार की योग मुद्राएं जिनमें सांस लेने की विभिन्न मुद्राएं और प्राणायाम शामिल होते हैं, आपकी सर्दी से लड़ने में काफी सहायता करते हैं।

 

 

 

 




जुकाम का उपचार जुकाम का उपचार जुकाम की कोई चिकित्सा नहीं है। इस स्वतः कम होने वाली बीमारी में घरेलू चिकित्सा ज्यादा उपयोगी होती है। जुकाम की कोई चिकित्सा नहीं है। इस स्वतः कम होने वाली बीमारी में घरेलू चिकित्सा ज्यादा उपयोगी होती है।

जब हमारा शरीर मौसम के अनुसार एडजस्ट नहीं करता है तो हम मौसमी रोगों के शिकार हो जाते है।मौसम के बदलाव के दौरान व्यक्ति का शरीर वातावरण में हो रहे बदवाल को नहीं झेल पाता है और सर्द-गर्म के असर से सर्दी-जुकाम से ग्रसित हो जाता है|सर्दी की शुरुआत नाक से होती है पर धीरे-धीरे इसका असर पूरे शरीर पर होने लगता है। जब हमारा शरीर मौसम के अनुसार एडजस्ट नहीं करता है तो हम मौसमी रोगों के शिकार हो जाते है।मौसम के बदलाव के दौरान व्यक्ति का शरीर वातावरण में हो रहे बदवाल को नहीं झेल पाता है और सर्द-गर्म के असर से सर्दी-जुकाम से ग्रसित हो जाता है|सर्दी की शुरुआत नाक से होती है पर धीरे-धीरे इसका असर पूरे शरीर पर होने लग

Wednesday, December 28, 2016

टी बी रोग से बचाओ व इलाज TB TREATMENT ,HOME REMEDIES TUBERCULOSIS

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टी बी रोग से बचाओ व इलाज  HOME REMEDIES TUBERCULOSIS 

HOME REMEDIES TUBERCULOSIS


टीबी की बीमारी को श्रय रोग भी कहा जाता है, एक बड़ी संक्रामक बीमारी है और यह बहुत खतरनाक है! यह बीमारी एक प्रकार के माइक्रोबैकटेरियम ट्यूबरयुक्लोसिस बैक्टीरिया (जीवाणु ) के कारण होती है! यह टीबी अधिकतर फेफड़े पर ही असर करती है! फेफड़ो में होने वाली टीबी को पल्मनेरी टीबी कहा जाता है और अगर यह शरीर के किसी दुसरे भाग में होती है तो इसे एक्स्ट्रा पल्मेनरी ट्यूबरयुक्लोसिस टीबी कहा जाता है! यह आमतौर पर फेफड़ों से शुरू होती है। सबसे कॉमन फेफड़ों की टीबी ही है लेकिन यह ब्रेन, यूटरस, मुंह, लिवर, किडनी, गला, हड्डी आदि शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। टीबी का बैक्टीरिया हवा के जरिए फैलता है। खांसने और छींकने के दौरान मुंह-नाक से निकलने वालीं बारीक बूंदों से यह इन्फेक्शन फैलता है। अगर टीबी मरीज के बहुत पास बैठकर बात की जाए और वह खांस नहीं रहा हो तब भी इसके इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है। टीबी का बैक्टीरिया शरीर के जिस भी हिस्से में होता है, उसके टिश्यू को पूरी तरह नष्ट कर देता है और इससे उस अंग का काम प्रभावित होता है। मसलन फेफड़ों में टीबी है तो फेफड़ों को धीरे-धीरे बेकार कर देती है, यूटरस में है तो इनफर्टिलिटी (बांझपन) की वजह बनती है, हड्डी में है तो हड्डी को गला देती है, ब्रेन में है तो मरीज को दौरे पड़ सकते हैं, लिवर में है तो पेट में पानी भर सकता है आदि।

टीबी (श्रय) का रोग कैसे फैलता है?

यह बीमारी हवा के जरिये एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति हो फैलाती है ! हवा में इसके जीवाणु कम से कम 5 घंटे तक और उससे भी अधिक जीवित रहते है! यह बीमारी हवा के जरिये बहुत तेजी से और आसानी से फैलती है! खासी को कभी भी नज़रंदाज़ नहीं करना चाहिए! जूठा खाना खाने से फैलती है ,चुम्बन लार या थूक से फैलती है, रोगी द्वारा इस्तेमाल किये गए कपडे, तोलिया इत्यादी से ,गन्दगी से व साफ़ सफाई न रखने से ,शरीर में रोग प्रतिरोधक श्रमता के कमजोर होने से भी फैलता है |
इसके कई लक्षण हो सकते है : टीबी की शुरूआत तो हल्की खांसी के साथ होती है। लेकिन कई बार जब खांसी हफ्तों तक ठीक नहीं होती है तो टीबी होने की संभावना बढ़ जाती है।
§  हफ्ते से ज्यादा लगातार खांसी, खांसी के साथ बलगम आ रहा हो, कभी-कभार खून भी, भूख कम लगना, लगातार वजन कम होना, शाम या रात के वक्त बुखार आना, सर्दी में भी पसीना आना, सांस उखड़ना या सांस लेते हुए सीने में दर्द होना, इनमें से कोई भी लक्षण हो सकता है और कई बार कोई लक्षण नहीं भी होता
§  अगर रोगी को एक्स्ट्रा पल्मनेरी टीबी होती है तो उसे प्रभावित जगह से जुडी हुई परेशानिया लक्षण के रूप में दिखाई देने लगती है जैसे के आंत की टीबी में दस्त और दर्द की शिकायत होने लगती है जबकि जोड़ो (joints) के टीबी में दर्द और सुजन की समस्या होने लगती है! 
§  इस रोग में शाम को बुखार हो जाता है!
§  छाती (सीने) में दर्द की शिकायत भी होती है!
§  ब्रॉन्काइटिस में सांस लेने में दिक्कत होती है और सांस लेते हुए सीटी जैसी आवाज आती है।
§  वजन कम होना जैसी दिक्कतें हो सकती है लेकिन आमतौर पर बुखार नहीं आता।

टीबी की जांच कैसे की जाती है (What Is The Process To Check TB )      

टीबी को जांचने के लिए कई तरह के टेस्ट किये जाते है जो निम्न है-

स्प्युटम टेस्ट (Sputum Test) : माइक्रोस्कोप के इस्तेमाल से मरीज के बलगम (स्प्युटम )की जाँच की जाती है, लेकिन किस कारणों की वजह से इसमे गड़बड़ी की आशंका होती है !शरीर के जिस हिस्से की टीबी है, उसके मुताबिक टेस्ट होता है। - फेफड़ों की टीबी के लिए बलगम जांच होती हैबलगम की जांच 2 दिन लगातार की जाती है। ध्यान रखें कि थूक नहीं, बलगम की जांच की जाती है। अच्छी तरह खांस कर ही बलगम जांच को दें। थूक की जांच होगी तो टीबी पकड़ में नहीं आएगी। - अगर बलगम में टीबी पकड़ नहीं आती तो AFB कल्चर कराना होता है। इस जांच में यह भी पता चल जाता है कि किस लेवल की टीबी है और दवा असर करेगी या नहीं। 

स्किन टेस्ट (Mantoux Test)-इसमे इंजेक्शन द्वारा दवाई स्किन में डाली जाती है जो 48 घंटे बाद पॉजिटिव Positive रिजल्ट होने पर टी.बी. की पुष्टि होती है!
Biopsy or Microscopic Examination- इसमे जिस जगह पर गांठ या गिल्टी होती है वह से इंजेक्शन के द्वारा द्रव liquid जाँच के लिए निकला जाता है! और जाँच के जरिये पता चल जाता है की उसमे टी.बी के जीवाणु है या नहीं! पॉजिटिव होने पर दवाई शुरू की जाती है डॉक्टर्स उसके बाद उस लिक्विड का कल्चर करते है जो 45 दिन तक या अधिक दिन तक हो सकता है!
टीबी का इलाज :- भारत सरकार और स्वास्थ्य संगठन के सम्मिलित प्रयास से टीबी के मरीजों के इलाज के लिए लगभग सभी जिला अस्पताल में डॉट केंद्र की स्थापना की गयी हैटीबी का इलाज लंबा होता है। कई बार रोगियों को छ माह से लेकर दो साल तक दवा लेनी पड़ सकती है। हालांकि सक्रिय टीबी का इलाज रेडियोलोजी के साथ-साथ माइक्रोस्कोपिक जांच तथा शरीर के तरलों की माइक्रोबायोलॉजिकल कल्चर पर निर्भर करता है।
1.       शहद व मक्खन शरीर के क्षय को रोकते हैं। सौ ग्राम मक्खन लेकर उसमें पचीस ग्राम शुद्ध शहद मिलाकर रोजाना सेवन करें।

2.लहसुन के रस के साथ आधा चम्मच शहद मिलाकर चाटें तथा लहसुन के रस को सूंघें। यह रस फेफडों को मजबूत करता है।

2.      टीबी रोगी रोजाना सौ-दो सौ ग्राम अंगूर का सेवन करें।

  1. करेले का एक चुटकी चूर्ण शहद के साथ चाटने के बाद ऊपर से वासावलेह का सेवन करें।

  1. एक पांव दूध में पांच पीपल डालकर उबालें। फिर इस दूध को सुबह-शाम समय पियें

  1. च्यवनप्राश दस ग्राम सुबह-शाम गरम दूध से लें।

  1. पीपल पांच ग्राम, पीपलामूल पांच ग्राम, धनिया चार ग्राम, अजमोद पांच ग्राम, अनारदाना पचास ग्राम, मिसरी पचीस ग्राम, काली मिर्च पांच ग्राम, बंशलोचन दो ग्राम, दालचीनी दो ग्राम और तेजपात आठ-दस पत्ते। सबका चूर्ण बना लें इसमें से आधा चम्मच चूर्ण रोजाना शहद, बकरी या गाय के दूध के साथ सेवन करें।

  1. पीपल पांच ग्राम, पीपलामूल पांच ग्राम, धनिया चार ग्राम, अजमोद पांच ग्राम, अनारदाना पचास ग्राम, मिसरी पचीस ग्राम, काली मिर्च पांच ग्राम, बंशलोचन दो ग्राम, दालचीनी दो ग्राम और तेजपात आठ-दस पत्ते। सबका चूर्ण बना लें इसमें से आधा चम्मच चूर्ण रोजाना शहद, बकरी या गाय के दूध के साथ सेवन करें।











 

 













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